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आज़ादी: फासीवाद कथा और स्वतंत्रता

आज़ादी: फासीवाद कथा और स्वतंत्रता

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नाम : आजादी: फासीवाद कथा और स्वतंत्रता | लेखक : अरुंधति रॉय | पुस्तक प्रारूप : हार्डकवर | शैली : एक्शन और रोमांच | आईएसबीएन : 7856432789187 | भाषा : अंग्रेजी | पृष्ठ : 101-200 पृष्ठ | प्रकाशन वर्ष : 2019 | प्रकाशक : होप | पढ़ने की आयु : वयस्क | उप शैली : गतिविधि पुस्तकें | 'आजादी' का नारा - उर्दू में 'स्वतंत्रता' - कश्मीर में स्वतंत्रता संग्राम का नारा है, जिसे कश्मीरी भारतीय कब्जे के रूप में देखते हैं। विडंबना यह है कि यह हिंदू राष्ट्रवाद की परियोजना के खिलाफ भारत की सड़कों पर लाखों लोगों का नारा भी बन गया। यहां तक ​​कि जब अरुंधति रॉय ने पूछना शुरू किया कि आजादी के इन दो आह्वानों के बीच क्या है-एक खाई या एक पुल? कोविड-19 अपने साथ आज़ादी की एक और ज़्यादा भयावह समझ लेकर आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बेमानी बना दिया है, पूरी आबादी को कैद कर लिया है और आधुनिक दुनिया को इस तरह से रोक दिया है, जैसा पहले कभी नहीं हो सकता था। इस रोमांचक निबंध श्रृंखला में अरुंधति रॉय हमें बढ़ती अधिनायकवाद की दुनिया में स्वतंत्रता के अर्थ पर विचार करने की चुनौती देती हैं। निबंधों में सार्वजनिक और निजी भाषा पर चिंतन और इन परेशान करने वाले समय में कल्पना और वैकल्पिक कल्पनाओं की भूमिका पर विचार शामिल हैं। रॉय का कहना है कि महामारी एक दुनिया और दूसरी दुनिया के बीच एक द्वार है। इसने अपने पीछे जितनी भी बीमारियाँ और तबाही छोड़ी है, यह मानव जाति के लिए एक निमंत्रण है, एक दूसरी दुनिया की कल्पना करने का अवसर है। उत्पत्ति का देश: भारत

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