बुक हब-विंग्स ऑफ फायर एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा....एक
बुक हब-विंग्स ऑफ फायर एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा....एक
Couldn't load pickup availability
नाम : बुक हब-विंग्स ऑफ फायर एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा....एक| लेखक : जेनरिक| पुस्तक प्रारूप : पेपरबैक| शैली : आत्मकथाएँ| आईएसबीएन : 9788173711466| भाषा : अंग्रेजी| पृष्ठ : 101-200 पृष्ठ | प्रकाशन वर्ष : 1999| प्रकाशक : जेनरिक| उप शैली : प्रेरक पुस्तकें| आत्मकथा में कलाम अपने प्रारंभिक जीवन के प्रयास, कठिनाई, धैर्य, भाग्य और संयोग की जांच करते हैं, जिसने अंततः उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान, परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया। कलाम ने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातक होने के बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में अपना करियर शुरू किया और उन्हें एक होवरक्राफ्ट प्रोटोटाइप बनाने का काम सौंपा गया। बाद में वे इसरो चले गए और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र की स्थापना 1990 के दशक और 2000 के आरंभ में कलाम भारतीय परमाणु हथियार कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए डीआरडीओ चले गए, जहां उन्होंने थर्मोन्यूक्लियर हथियारों के विकास में विशेष सफलता हासिल की, जिसकी परिणति ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा और आईसीबीएम अग्नि के रूप में हुई।| उत्पत्ति का देश : भारत
शेयर करना
