प्रोफेसर की डायरी
प्रोफेसर की डायरी
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नाम : प्रोफेसर की डायरी| लेखक : लक्ष्मण| पुस्तक प्रारूप : पेपरबैक| शैली : डायरी और सत्य ब्यौरा| आईएसबीएन : जेनरिक| भाषा : हिंदी| पृष्ठ : १०१-२०० पृष्ठ | प्रकाशन वर्ष : २०२३| प्रकाशक : एमएममिक्स पब्लिशर| उप शैली : हैप्पीनेस बुक्स| यह पुस्तक लेखक की अपने समय की खोजबीन को डायरी, नोट्स और टिप्पणियों की याद दिलाने वाली शैली के माध्यम से दर्शाती है। इसमें प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक घटनाओं के साथ-साथ उनके बीच विकसित होते एक प्रबुद्ध युवक की कहानी भी शामिल है। उनका जन्म आजमगढ़ के एक वंचित किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद और दिल्ली विश्वविद्यालयों में अध्ययन किया। एक दशक से अधिक समय से वे दिल्ली के एक कॉलेज में पढ़ाते हैं। वह अपने गरीब परिवार की उम्मीदों और अपने सपनों का भार अपने कंधों पर उठाते हैं। वह अकेला है। वह दुविधा, असुरक्षा और अनिश्चितता से घिरा हुआ है धीरे-धीरे लेकिन लगातार उसकी जिम्मेदारी और लोकप्रियता की समझ बढ़ती जाती है। वह कक्षा के दायरे से बाहर निकलकर ग्रामीण लोगों तक पहुंचने वाला प्रोफेसर बन जाता है। यह काल्पनिक है क्योंकि नाम और कुछ विवरण बदल दिए गए हैं। यह गैर-काल्पनिक है क्योंकि शैक्षणिक संस्थानों की सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों को सटीक रूप से दर्शाया गया है। इसमें कथात्मक संवाद और व्यंग्य के साथ-साथ वर्णन और विश्लेषण की चमक भी है। इसमें वह सब कुछ शामिल है जो एक पठनीय पुस्तक में होना चाहिए।| मूल देश : भारत| उपयोगी (1)| उपयोगी (0)
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