प्रोफेसर की डायरी और यूपीएससी वाला लव - कलेक्टर साहिबा - बेस्टसेलर कॉम्बो
प्रोफेसर की डायरी और यूपीएससी वाला लव - कलेक्टर साहिबा - बेस्टसेलर कॉम्बो
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नाम : प्रोफेसर की डायरी और यूपीएससी वाला लव - कलेक्टर साहिबा - बेस्टसेलर कॉम्बो | हिंदी संस्करण| लेखिका : मंजू| पुस्तक प्रारूप : पेपरबैक| शैली : आत्मकथाएँ| आईएसबीएन : जेनरिक| भाषा : हिंदी| पृष्ठ : 201-300 पृष्ठ | प्रकाशन वर्ष : 2016| प्रकाशक : मिक्स पब्लिश्यूअर| उप शैली : रोमांस पुस्तकें| इस उपन्यास का मुख्य पात्र एंजल नामक एक आईएएस अधिकारी है। इस रचना के माध्यम से एंजल के लचीलेपन और संघर्ष से बुनी कहानी प्रस्तुत की गई है, साथ ही आईएएस में चयनित होने के बाद मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के प्रशिक्षण के माहौल को दर्शाने का प्रयास किया गया है। शुरुआती अध्याय सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे चार उम्मीदवारों के बीच सौहार्द और दोस्ती का वर्णन करते हैं। यह उपन्यास हर उस भारतीय युवा की कहानी है जो बड़े सपने देखता है और सामाजिक दबावों और दोस्तों की आलोचनाओं के बावजूद अपने लक्ष्य पर अडिग रहता है। साथ ही, इसमें कोविड काल में प्रतियोगी छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों का चित्रण किया गया है। साथ ही, इस रचना के माध्यम से प्रशासनिक भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर भी प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है। इस रचना में प्रेम कहानी छोटे शहर की मानसिकता की संकीर्णता को चुनौती देने की कहानी है। यह प्रेम और आईएएस कैडर में कई लोगों में से एक को चुनने से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी है। गिरीश और एंजल ने अपने रिश्ते पर सामाजिक बंधनों की छाया से बचते हुए पैसे, पद, शक्ति और सामाजिक स्थिति पर अपने प्यार को प्राथमिकता दी और एक-दूसरे की ताकत बनकर अंततः एक-दूसरे के हो गए। एक तरह से पूरी कहानी प्रेम की मीठी खुशबू से भरी हुई है।| देश का उद्गम : भारत| मददगार (2)| मददगार (0)
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